शक्ति- Durga Puja Special

शक्ति- Durga Puja Special Hindi Kavita

Happy Durga puja to all. May Maa durga (Shakti) bless you with love, happiness, prosperity and good health. Stay Home, Stay Safe.

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शक्ति

मैं शक्ति हूँ,

मैं कल भी यही थी,

मैं आज भी यही हूँ,

भक्ति में मैं हूँ,

कर्म में मैं हूँ,

मैं ही शक्ति हूँ।

नाम अलग,

पहचान अलग,

उम्र अलग,

नेतृत्व अलग,

मेरा धर्म स्नेह है,

मैं ही प्रसिद्ध हूँ।

मैं रक्षक भी हूँ,

मैं ही शक्ति हूँ।

उम्मीद मैं ही हूँ,

नसीब मैं ही हूँ,

प्रयास से शुरू,

परिणाम भी मैं ही हूँ,

मैं ही शक्ति हूँ।

 

Written by- Anjali Bharati

Legendary Quotes

  • We would like to be known as Logical Beings, but most of our decisions are Emotional.

Emotional quotes

 

  • Sometimes you need to distance yourself to see things clearly.

 

  • Happiness comes when we test our skills towards some meaningful purpose.

 

  • Sometimes good things fall apart so better things can fall together.

 

  • The great thing is to know when to speak and when to Keep Quiet.

 

  • Don’t look for someone who will solve all your problems. Look for someone who will face them with you.

 

  • You don’t drown by falling in water. You drown by staying there.

 

 

पहचान

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पहचान

तू मुसाफिर है और
ये जिंदगी है हमसफर।
तुम्हारी सोच और तुम्हारी परछाईं,
सौदा यही से होता है,
नहीं है दूजा रिहाई।

ऊँचें अरमान और डगमग सी चाल,
खुद पर भरोसा भी है एक साजिश।
उम्मीद रख, दिल साफ़ रख
टूट मत, यू ही नहीं मिलती है ख्वाहिश।

तेरा कर्म, तेरा अभिमान
यही होनी है तेरी पहचान।
क्या फर्क पड़ता है आज हालात कैसा है,
मंजिल पाकर ही करना तुम विश्राम।

डगर लंबी है तो क्या हुआ,
खुद ही लगती है अपनी प्यास।
अगर रुक गए आज तुम
न तलब मिटेगी, न मिलेगा तालाब।

तू मुसाफिर है और
ये जिंदगी है हमसफर।

धन्यवाद!

 

Written by- Anjali Bharati

वादियाँ

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वादियाँ

कितनी हसीन है ये वादियाँ,
जी करता है डूब जाऊँ इसमें,
खो जाऊँ इसमें, बह जाऊँ इसमें।

वो बच्चों की खिलखिलाहट,
पंछियों की ये चहक,
इन आँखों की मासूमियत,
वो किसानों की मेहनत।

ये गेहूँ की खड़ी बालियाँ,
ये धान की झुकी बालियाँ,
ये मक्कों की शानो शौकत
और सरसों की शर्मीली मिजाज।

कितनी हसीन है ये वादियाँ,
जी करता है डूब जाऊँ इसमें,
खो जाऊँ इसमें, बह जाऊँ इसमें।।

यहाँ के भोजन का स्वाद,
यहाँ के लोगों का अपनापन।
तन पर सादगी का साज
और खेतों में सुन्दर फसल का राज़।

मिट्टी की सौंधी सी खुशबू,
पेड़ो की छांव में ठंडक।
साँझ हुई तो गपशप सबकी
और रात हुई तो घनघोर खामोशी।

कितनी हसीन है ये वादियाँ,
जी करता है डूब जाऊँ इसमें,
खो जाऊँ इसमें, बह जाऊँ इसमें।।

धन्यवाद!

 

Written by- Bikram Kumar Mandal

तुम हो… (Love Shayari)

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तुम हो…

 

यहाँ, अभी
सिर्फ तन्हाई है
और
तुम्हारी याद है।
दर्द का एहसास है,
और
तुम्हारे प्यार का खुमार है।
तुम नहीं हो,
मुझे शिकायत है,
दूर हो, फिर भी तुम हो,
इसलिए मुझे राहत है।
यहाँ, अभी
खामोशी की धुन में
सिर्फ तुम्हारा ही दीदार है।
तुम मेरे हो,
बस यहीं सच नजर आ रहा है।

 

Written by- Anjali Bharati

 

वक़्त का खेल – The mighty gamer

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वक़्त का खेल

कल भी इसी का था,
आज भी इसी का है।
ये वक़्त का खेल है,
आगे भी इसी का रहेगा।

आज इसने रुलाया है,
कल यहीं हसायेगा,
क्या पता, आगे क्या होगा?
ये राज़ वक़्त ने छिपाया है।

जिसका कल तक सब कुछ था,
आज उसका एक कतरा नहीं है,
कल जिसकी उंगली पकड़ता था,
आज वो चेहरा जचता नहीं है।

जो अपने थे
अब पराये हो गए,
कहानी बदल गई फिरसे,
इस वक़्त के साये में।

धन्यवाद!

 

Written by- Bikram Kumar Mandal

 

अधूरा – Incomplete life

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कविता : अधूरा

ये पल अक्सर ही अधूरे होते हैं।
सब पूरा होकर भी कुछ छुट जातें हैं।
ये अनदेखी साजिश थमती नहीं है,
ये मुश्किलें कम होती नहीं हैं।

कुछ लम्हा नई चाहत बुनती हूँ,
कुछ लम्हा टूटे ख्वाबों को पिरोती हूँ,
कुछ लम्हा याद करती हूँ उसे जो छुट गया राह में पिछे,
कुछ लम्हा तकदीर से अपने बारे में पूछती हूँ।

किसी दिन मैं थक जाती हूँ,
फिर रात को कोशती हूँ,
दूसरी सुबह नई होश में उठती हूँ,
फिर उसी ज़ंग पर निकल पड़ती हूँ।

अक्सर ही लगता है,
कोई कमी मुझमें ही है।
मैं आज के लिए तैयार होती हूँ,
और कल नई चुनौती मिलती है।

सोचती हूँ मैं कभी कभी,
क्यूँ सब हासिल होता नहीं है?
हर वक़्त कुछ पाने की तलब,
ऐ ज़िंदगी! तू इतना क्या ढूंढती है?

धन्यवाद!

 

Written by- Anjali Bharati

तस्वीरें – Poetry on memories

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तस्वीरें

यादों के झरोखों से
बातें हशीन कह जातीं हैं ये तस्वीरें।

वक़्त बेवक़्त चुपके से
बचपन कीयादें दे जातीं हैं ये तस्वीरें।

आज के लम्हों को सँवारते हुए
कल के लिये लम्हें बनाती हैं ये तस्वीरें।

बिन शब्दों के जो बयान करे है,
वो बातें हैं ये तस्वीरें।

कभी मुस्कुराते हुए, कभी पलकों से
अश्क बनकर नज़र आती है तस्वीरें।

तन्हा यादें होतीं हैं या
सपनों को छिपा कर रखतीं हैं ये तस्वीरें?

दीवार के सहारे या फिर मेज पर पड़े
पुरानी दास्तान सुनाती है ये तस्वीरें।

वो प्यार… वो साज,
मेरे वो लम्हें हज़ार दिखाती है ये तसवीरें।

खुद को हम भूल न जाए,
कहीं ओझल न हो जाए… समझाती है ये तस्वीरें।

धन्यवाद

Written by- Anjali Bharati

 

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कुदरत- A Poetry On Nature

 

कुदरत

परदे को हटा देखी है नई सुबह
मद्धम सी रौशनी हौले से बिखरी है।
खुशबू फूलों की, मुस्कुराहट इन कलियों की,
गुनगुनाती ये हवा मुझे मुझसे मिला रही है।

उमड़ घुमड़ नाच रही है बदरिया
आसमान से रंग बरस रहा है।
झूम रहा है मेरा मन
पल ये बड़ा हसीन बना है।

जी चाहता है मैं खुद उड़ जाऊं,
संग पंछियों के मैं एक सैर कर आऊं।
रहता हूँ मैं जिस ज़मीन पर,
एक बार उसे ऊपर से देख आऊं।

होने लगती है दिल से बात अक्सर
जब भी होता है ऐसे मौसम का आगाज़,
मैं आँखें बंद कर लेता हूँ इस मदहोश फिज़ा में
जब ये आहटें छू लेती हैं मेरे जज़्बात।

ऐ कुदरत! तू जैसी है
हर सुबह ऐसी ही मिले।
बेख़बर इस जहां में
मुझे तेरा आँचल मिले।।

धन्यवाद

Written by – Anjali Bharati

Video Link – https://youtu.be/oFIm_NZTWs0